बचपन कहाँ | Bachpan Kahan Lyrics – प्रेम रतन धन पायो 2015

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bachpan kahan
गाण्याचे शीर्षक:बचपन कहाँ
फिल्म:प्रेम रतन धन पायो
गायक:हिमेश रेशमिया
संगीत:हिमेश रेशमिया
गीत:इरशाद कामिल
संगीत लेबल:टी-मालिका

बचपन कहाँ फिल्म प्रेम रतन धन पायो का गीत है। इस गाने की गायिका हिमेश रेशमिया ये हैं। साथ ही इस गीत के शब्द इरशाद कामिल ने लिखे हैं। और यह गीत टी-मालिका द्वारा किया गया है।

Bachpan Kahan Lyrics in Hindi

बचपन का वो आंगन कहाँ
दर्पण बता बचपन कहाँ
सपनों का वो आंगन कहाँ
दरपन बता बचपन कहाँ

सीधा सरल था जीवन जहाँ
दर्पण बता बचपन कहाँ
बचपन का वो आंगन कहाँ
दर्पण बता बचपन कहाँ

भाई से यारी
बहनों से मस्ती
उड़ती पतंगों जैसा था मन
जितने थे रिश्ते

सारे थे मन के
उनमे न उलझन ना थी जलन
होती ना थी अनबन जहाँ
दर्पण बता बचपन कहाँ

सीधा सरल था जीवन जहाँ
दर्पण बता बचपन कहाँ
सपनों का वो आंगन कहाँ
दर्पण बता बचपन कहाँ

खाने की चिंता, सोने की फिक्रें
होती भी तो, होती थी कम
खुशियाँ जुड़ी थी खिलोनों से अपनी
ख़बर ही ना थी क्या होता है ग़म

पावन थे सब बंधन जहां
दर्पण बता बचपन कहाँ
सीधा सरल था जीवन जहाँ
दर्पण बता बचपन कहाँ

सपनों का वो आंगन कहाँ
दर्पण बता बचपन कहाँ
दर्पण बता बचपन कहाँ

Bachpan Kahan Lyrics in English

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