सिंघम – Singham Lyrics in Hindi – सिंघम 2011

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SINGHAM
गाण्याचे शीर्षक:सिंघम
फिल्म:सिंघम
गायक:सुखविंदर सिंग
संगीत:अजय-अतुल

सिंघम फिल्म सिंघम का गीत है। इस गाने की गायिका सुखविंदर सिंग ये हैं।

Hindi Lyrics

मन भंवर उठे, तन सिहर उठे, जब खबर उठे, के आवे सिंघम
ना अगर चले, ना मगर चले, बस कहर चले, जब आवे सिंघम
बुरों को खीच के खीच के धूल धबीच के लहपथ पड़ जाए
भलो को खींच के खींच के बाहों मे भींच के जब भी मिल जाए

ना किसी से ये कम बोलो इसमे है दम नरसिंह है ये सिंघम
मन भंवर उठे, तन सिहर उठे, जब खबर उठे, के आवे सिंघम
ना अगर चले, ना मगर चले, बस कहर चले, जब आवे सिंघम

दिल तो सच्चा है इसे दिल में रखलो, सपना अच्छा है पलकों से ढक्लो
दिल विल से है तो यह इक बच्चा शरारत करता ही फिरे
गर कभी समझे इसको कोई कच्चा घुसा ही मिले
ताज़ा है हवा का यह झोका यहाँ वहाँ बहता ही फिरे
गर कभी इसका रास्ता रोका तूफान सर चड़े

बुरों को खीच के खीच के धूल धबीच के लहपथ पड़ जाए
भलो को खींच के खींच के बाहों मे भींच के जब भी मिल जाए
ना किसी से ये कम बोलो इसमे है दम नरसिंह है ये सिंघम
मन भंवर उठे, तन सिहर उठे, जब खबर उठे, के आवे सिंघम

यह ना सटका है रस्ते से कठोर, तगड़ा झटका है दम है तो चखलो
अतरंगी है जोश में चलता, बाहों में बिजली सी चले
नज़रे है शोला शोला दुश्मन तो राख में जा मिले
जैसे कोई शेर सेहरा में चलता सारा जग रौंदता चले
यारों बस लड़ने का इसे चस्का परबत से भिड़े

बुरों को खीच के खीच के धूल धबीच के लहपथ पड़ जाए
भलो को खींच के खींच के बाहों मे भींच के जब भी मिल जाए
ना किसी से ये कम बोलो इसमे है दम नरसिंह है ये सिंघम
मन भंवर उठे, तन सिहर उठे, जब खबर उठे, के आवे सिंघम

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