मटरगश्ती – Matargashti Lyrics in Hindi – तमाशा 2015

0
876
matargashti
गाण्याचे शीर्षक:मटरगश्ती
फिल्म:तमाशा
गायक:मोहित चौहान
संगीत:ए.आर. रहमान
गीत:इरशाद कामिल

मटरगश्ती फिल्म तमाशा का गीत है। इस गाने की गायिका मोहित चौहान ये हैं। साथ ही इस गीत के शब्द इरशाद कामिल ने लिखे हैं।

Hindi Lyrics

मटरगश्ती खुली सड़क में
तगड़ी तड़क भड़क में
ओले गिरे सुलगते से सुलगते से सड़क में
छतरी ना थी बगल में
आया ही ना अकल में

के भागे हम या भीगे हम अकड़ में
तो सोचा फिर
गीला हुआ है वो सुखाना हो हो हो
चाहे ज़नानाया मर्दाना हो हो हो

अटैचमेंट का नया पासा
फिर दे गयी झांसा
ऐवें मुझे फंसा
चिरकुट ज़िन्दगी यूँ ना
टंग टंग टंग..

तू ही है वो
जिसने खेंची मेरी धोती, धोती खेंची
अब तू ढूंढे कहाँ बंदे
ना मैं काबा, काशी

मैं ट्विटर पे हूँ
डीपी मेरी देखो
हो ओ हो
सुन रे सिन बेलिया
दिल ने धोखा दिया

आँखें मिली तुमसे नाज़नी
मेरे होश-ओ-हवास खो गए
हो दिल का भंवर बोले सुन साथिया

छुप ना दुपट्टे में तू ओ छलिया
प्रेम पुजारी के दिल का बयां
होता रहा, रोता रहा प्रिये
तो फिर टंग टंग टंग टुंग

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here