दाता दी दीवानी मैं – Data Di Deewani Lyrics in Hindi – योगिस्तान2014

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daata-di-diwani-qawwali
गाण्याचे शीर्षक:दाता दी दीवानी मैं
फिल्म:योगिस्तान (2014)
गायक:शिराज उप्पल, रफाकत अली खान
संगीत:शिराज उप्पल
गीत:शकील सोहेल

दाता दी दीवानी मैं फिल्म योगिस्तान का गीत है। इस गाने की गायिका शिराज उप्पल, रफाकत अली खान ये हैं। साथ ही इस गीत के शब्द शकील सोहेल ने लिखे हैं।

English Lyrics

Aa… aa…
Ganj bakhsh Faiz-e-Alam
Mazhar-e-noor-e-Khuda
Na kasara peer-e-qaabe
Na kasara peer-e-qaabe
Kamila ra ranuma…

Ganj bakhsh, Ganj bakhsh
Ganj bakhsh Faiz-e-Alam
Ganj bakhsh, Ganj bakhsh
Ganj bakhsh Faiz-e-Alam
Diwani.. Ganj bakhsh

Teri diwani
Ganj bakhsh, Faiz-E-Alam
Daata di deewani main
Daata di deewani main
Tusaral mill gaavo
Tusaral mill gaavo
Daata di diwani main
Daata di…
Main toh deewaani hui
Main toh deewaani hui
Daata… aa…

Woh naksh jo gehna tha
Woh khaak mein hai gum kyun
Ik saans ke aane se
Ik saans gayi tham kyun

Nagri mein teri daata
Ye ranj ka aalam kyun
Nagri mein teri daata
Ye ranj ka aalam kyun
Ye ranj ka aalam kyun

Dharti ke badan par hai
Shatranj ka aalam kyun
Data di dewani main
Data di dewani main
Tusaral mil gaavo, daata di..

Ganj bakhsh, Ganj bakhsh
Ganj bakhsh Faiz e Alam
Ganj bakhsh, Ganj bakhsh
Ganj bakhsh Faiz e Alam
Ghaus, qutub, sab de thon sadqe
Ghaus, qutub, sab de thon sadqe

De thon sadqe
Raahon ko badal daalein
Aahon mein asar toh hai
Banti hai bigadti hai
Taqdeer magar toh hai
Saagar mein kahin apni

Koi ek leher toh hai
Saagar mein kahin apni
Koi ek leher toh hai
Koi ek leher toh hai
Wo shab jo nahin kat’ti
Uski bhi sehar toh hai

Daata di deewani main
Daata di deewani main
Tusaral mill gaavo
Tusaral mill gaavo
Tere dar aaya, dilbar aaya
Sun le meri daata piya

Hindi Lyrics

आ…आ…
गंज बक्श फैज़-ए-आलम
मज़हर-ए-नूर-ए-ख़ुदा
ना कसरा पीर-इ-क़ाबे
ना कसरा पीर-इ-क़ाबे
कामिला रा रानुमा

गंज बक्श, गंज बक्श
गंज बक्श फैज़-ए-आलम
गंज बक्श, गंज बक्श
गंज बक्श फैज़-ए-आलम
दीवानी गंज बक्श

तेरी दीवानी
गंज बक्श, फैज़-ए-आलम
दाता दी दीवानी मैं
दाता दी दीवानी मैं
तुसराल मिल गावो
तुसराल मिल गावो

दाता दी दीवानी मैं
दाता दी
मैं तो दीवानी हुई
मैं तो दीवानी हुई
दाता… आ…

वो नक्श जो गहना था
वो ख़ाक में है गुम क्यूँ
इक सांस के आने से
इक सांस गयी थम क्यूँ

नगरी में तेरी दाता
ये रंज का आलम क्यूँ
नगरी में तेरी दाता
ये रंज का आलम क्यूँ
ये रंज का आलम क्यूँ
धरती के बदन पर है
शतरंज का आलम क्यूँ

दाता दी दीवानी मैं
दाता दी दीवानी मैं
तुसराल मिल गावो
दाता दी

गंज बक्श, गंज बक्श
गंज बक्श फैज़-ए-आलम
गंज बक्श, गंज बक्श
गंज बक्श फैज़-ए-आलम
घुस, क़ुतुब, सब दे थोन सदक़े
घुस, क़ुतुब, सब दे थोन सदक़े

दे थोन सदक़े
राहों को बदल डालें
आहों में असर तो है
बनती है बिगड़ती है
तक़दीर मगर तो है

सागर में कहीं अपनी
कोई एक लहर तो है
सागर में कहीं अपनी
कोई एक लहर तो है
कोई एक लहर तो है

वो सब जो नहीं कट्टी
उसकी भी सहर तो है
दाता दी दीवानी मैं
दाता दी दीवानी मैं

तुसराल मिल गावो
तुसराल मिल गावो
तेरे दर आया दिलबर आया
सुन ले मेरी दाता पिया

तेरे दर आया दिलबर आया
सुन ले मेरी दाता पिया

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