दर्द-ए-दिल – Dard-E-Dil Lyrics in Hindi – कर्ज 1980

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गाण्याचे शीर्षक:दर्द-ए-दिल
चित्रपट:कर्ज
गायक:मो.रफी
संगीत:लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीत:आनंद बक्षी

दर्द-ए-दिल हे गीत कर्ज या चित्रपट मधले असून या गीत चे गायक मो.रफी हे आहेत. ह्या गीत ला संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल यांनी दिली आहे. तसेच ह्या गीत चे शब्द आनंद बक्षी यांनी लिहिले आहेत.

Hindi Lyrics

दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर
दिल में जगाया आपने
पहले तो मैं शायर था
पहले तो मैं शायर था

आशिक बनाया आपने
दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर
दिल में जगाया आपने
आपकी मदहोश नज़रें

कर रही हैं शायरी
ये ग़ज़ल मेरी नहीं
ये ग़ज़ल है आपकी
मैंने तो बस वो लिखा

जो कुछ लिखाया आपने
दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर
दिल में जगाया आपने
कब कहाँ सब खो गयी

जितनी भी थी परछाईयाँ
उठ गयी यारों की महफ़िल
हो गयी तन्हाईयाँ
कब कहाँ सब खो गयी

जितनी भी थी परछाईयाँ
उठ गयी यारों की महफ़िल
हो गयी तन्हाईयाँ
क्या किया शायद कोई

पर्दा गिराया आपने
दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर,
दिल में जगाया आपने
और थोड़ी देर में बस

हम जुदा हो जायेंगे
आपको ढूँढूँगा कैसे
रास्ते खो जायेंगे
नाम तक भी तो नहीं

अपना बताया आपने
दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर
दिल में जगाया आपने
पहले तो मैं शायर था

आशिक बनाया आपने
दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर
दिल में जगाया आपने
ला ला

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