जब तक पुरे ना हो फेरे साथ -Jab Tak Pure Na Ho Phere Saat Lyrics in Hindi – नादिया के पार 1982

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गाने के शीर्षक:जब तक पुरे ना हो फेरे साथ
फिल्म:नादिया के पार
गायक:हेमलता
स्टार कास्ट:सचिन, साधना सिंह, मिताली,
लीला मिश्रा, इंदर ठाकुर
संगीतकार:रवींद्र जैन
गीत काव्य:रवींद्र जैन

Hindi Lyrics

बबुआ हो बबुआ पहुना हो पहुना
बबुआ हो बबुआ पहुना हो पहुना
जब तक पूरे ना हों फेरे सात
जब तक पूरे ना हों फेरे सात


तब तक दुल्हन नहीं दुल्हा की
रे तब तक बबुनी नहीं बबुवा की, ना,
जब तक पूरे ना हों फेरे सात


अबही तो बबुआ पहली भंवर पड़ी है
अबही तो पहुना दिल्ली दूर बड़ी है
हो पहली भंवर पड़ी है दिल्ली दूर खड़ी है
करनी होगी तपस्या सारी रात,
जब तक पूरे ना हों फेरे सात

तब तक दुल्हन नहीं दुल्हा की
जैसे जैसे भँवर पड़े मन अपनों को छोड़े
एक एक भाँवर नाता अन्जानों से जोड़े
मन घर अंगना को छोड़े, अन्जानों से नाता जोड़े
सुख की बदरी आँसू की बरसात


जब तक पूरे ना हों फेरे सात
जब तक पूरे ना हों फेरे सात
तब तक दुल्हन नहीं दुल्हा की
रे तब तक बबुनी नहीं बबुवा की, ना,

जब तक पूरे ना हों फेरे सात
तब तक दुल्हन नहीं दुल्हा की
बबुआ हो बबुआ पहुना हो पहुना
बबुआ हो बबुआ पहुना हो पहुना


सात फेरे करो बबुआ भरो सात बचन भी
ऐसे कन्या कैसे अर्पन कर दे तन भी मन भी
सात फेरे करो बबुआ भरो सात बचन भी

ऐसे कन्या कैसे अर्पन कर दे तन भी मन भी
उठो उठो बबुनी देखो देखो ध्रुव तारा
ध्रुव तारे सा हो अमर सुहाग तिहारा
ओ देखो देखो ध्रुव तारा
अमर सुहाग तिहारा


सात फेरे सात जन्मों का साथ,
जब तक पूरे ना हों फेरे सात
जब तक पूरे ना हों फेरे सात
तब तक दुल्हन नहीं दुल्हा की

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