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कब के बिछड़े – Kab Ke Bichhade Lyrics in Hindi – लावारिस 1981

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Kab-Ke-Bichhade
गाण्याचे शीर्षक:कब के बिछड़े
चित्रपट:लावारिस
गायक:किशोर कुमार, आशा भोसले
संगीत:कलायानजी-आनंदजी
गीत:प्रकाश मेहरा, अंजना
संगीत लेबल:सारेगामा इंडिया लिमिटेड

कब के बिछड़े हे गीत लावारिस या चित्रपट मधले असून या गीत चे गायक किशोर कुमार, आशा भोसले हे आहेत. ह्या गीत ला संगीत कलायानजी-आनंदजी यांनी दिली आहे. तसेच ह्या गीत चे शब्द प्रकाश मेहरा, अंजना यांनी लिहिले आहेत. आणि सारेगामा इंडिया लिमिटेड यांनी हे गीत सादर केले आहे.

Hindi Lyrics

https://www.youtube.com/watch?v=PNzjSabXhd8

कब के बिछड़े हुए हम आज कहाँ आ के मिले
जैसे शम्मा से कहीं लौ ये झिलमिला के मिले
आ आ

कब के बिछड़े हुए हम आज कहाँ आ के मिले
जैसे सावन, जैसे सावन
जैसे सावन से कहीं प्यासी घटा छा के मिले
कबके बिछड़े हुए हम आज कहाँ आ के मिले

कब के बिछड़े, कब के बिछड़े
बाद मुद्दत के रात महकी है
दिल धड़कता है साँस बहकी है
प्यार छलका है प्यासी आँखों से
सुर्ख़ होंठों पे आग दहकी है

महकी हवाओं में, बहकी फ़िज़ाओं में,
दो प्यासे दिल यूँ मिले, दो प्यासे दिल यूँ मिले
जैसे मयकश जैसे मयकश
जैसे मयकश कोई साक़ी से डगमगा के मिले
कब के बिछड़े हुए हम आज कहाँ आ के मिले

कब के बिछड़े, कबके बिछड़े
दूर शहनाई गीत गाती है
दिल के तारों को छेड़ जाती है
दिल के तारों को छेड़ जाती है

यूँ सपनों के फूल यहाँ खिलते हैं
यूँ दुआ दिल की रंग लाती है
यूँ दुआ दिल की रंग लाती है

बरसों के बेगाने, उल्फ़त के दीवाने
अनजाने ऐसे मिले, अनजाने ऐसे मिले
जैसे मनचाही, जैसे मनचाही
जैसे मनचाही दुआ बरसों आजमा के मिले

कब के बिछड़े हुए हम आज कहाँ आ के मिले
जैसे सावन से कहीं प्यासी घटा छा के मिले
कब के बिछड़े हुए हम आज कहाँ आ के मिले
कब के बिछड़े, कब के बिछड़े
हूँ हूँ

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